IND vs PAK मैच से पहले कप्तानी से जुड़े सवाल पर चिढ़े विराट कोहली, कहा- ‘मसाला’ नहीं दूंगा

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दुबई. भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने मौजूदा टी20 विश्व कप (ICC T20 World Cup 2021) के बाद खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ने के अपने फैसले को लेकर किसी बहस में पड़ने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर विवाद चाहने वालों को कोई ‘मसाला’ नहीं देंगे. कोहली ने पिछले महीने अपने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वह यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में होने वाले इस टूर्नामेंट के बाद कप्तानी छोड़ देंगे, तो इसकी खूब चर्चा हुई.

कोहली के इस फैसले पर कई तरह के विवाद हुये. लेकिन कप्तान ने कहा कि वह बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहते हैं. कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले कहा कि मैंने इस मसले पर पहले ही काफी कुछ बोल दिया है और मुझे नहीं लगता कि इस मुद्दे पर कुछ और बोलने की जरूरत है. इस सवाल पर चिढ़ते हुए कोहली ने कहा कि हमारा ध्यान इस विश्व कप में अच्छा खेलने पर है और एक टीम के रूप में हमें जो करने की जरूरत है वह करना है. बाकी लोग उन चीजों को ‘खोदने’ की कोशिश कर रहे हैं, जो मौजूद नहीं हैं और मैं कोई ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो ऐसे किसी को ‘मसाला’ दूं.

भारतीय कप्तान ने आगे कहा कि मैंने बहुत ईमानदारी से और खुले तौर पर चीजों को समझा दिया है. अगर लोगों को लग रहा है कि इसके अलावा और भी कुछ है जो मैंने पहले नहीं बताया है तो मुझे उनके लिए बहुत बुरा लगता है. निश्चित रूप से ऐसा नहीं है.

विराट पर कप्तानी छोड़ने का दवाब नहीं था: गांगुली
इस बीच, बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आजतक से बातचीत में कहा कि कोहली पर कप्तानी छोड़ने का कोई दबाव नहीं था और यह उनका अपना फैसला था. गांगुली ने कहा, “मैं हैरान था कि विराट कोहली ने टी20 कप्तान के रूप में पद छोड़ने का फैसला किया. यह फैसला इंग्लैंड दौरे के बाद ही लिया गया होगा और यह उनका फैसला है. हमारी तरफ से कोई दबाव नहीं था. हमने उनसे कुछ नहीं कहा था.”

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‘लंबे वक्त तक सभी फॉर्मेट में कप्तान बने रहना मुश्किल’
गांगुली ने कहा कि हम इस तरह की चीजें नहीं करते क्योंकि मैं खुद एक खिलाड़ी रहा हूं इसलिए मैं समझता हूं. इतने लंबे समय तक सभी प्रारूपों में कप्तान बने रहना बहुत मुश्किल है. मैं छह साल तक कप्तान रहा, यह बाहर से अच्छा दिखता है, सम्मान की तरह है. लेकिन आप अंदर से परेशान रहते हैं और यह किसी भी कप्तान के साथ होता है. यह सिर्फ तेंदुलकर या गांगुली या धोनी या कोहली के साथ नहीं हुआ है, बल्कि जो भी कप्तान होगा उसके साथ ऐसा ही होगा. यह एक कठिन काम है.

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