बड़ी खबर: सौरव गांगुली का बड़ा फैसला, हितों के टकराव से बचने के लिए मोहन बागान को छोड़ेंगे

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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) संभावित हितों के टकराव के विवाद से बचने के लिए एटीके मोहन बागान (ATK Mohun Bagan) के निदेशक के रूप में पद छोड़ने का फैसला किया है. एटीके मोहन बागान आरपीएसजी वेंचर्स लिमिटेड (RPSG Group) के स्वामित्व वाली फुटबॉल टीम है, जिसने सोमवार को एक रिकॉर्ड 7,090 करोड़ रुपये की बोली लगाकर आईफीएल की नई टीम खरीदी है. आरपी-एसजी समूह कोलकाता के दिग्गज उद्योगपति संजीव गोयनका (Sanjiv Goenka) की कंपनी ने सबसे ज्यादा की बोली लगाकर लखनऊ की फ्रेंचाइजी (Lucknow Franchise) खरीदी है.

ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, सौरव गांगुली ने मोहन बागान में अपनी भूमिका से हटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मोहन बागान भारतीय फुटबॉल के दो सबसे सम्मानित और लोकप्रिय क्लबों में से एक है, जो इंडियन सुपर लीग का हिस्सा है. मोहन बागान बोर्ड के निदेशकों में से एक होने के अलावा, गांगुली एक शेयरधारक भी हैं. यह पता चला है कि गांगुली मोहन बागान की भूमिका से तब तक हटे रहेंगे, जब तक वह बीसीसीआई अध्यक्ष हैं, ताकि हितों का टकराव ना हो.

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हितों के टकराव का मुद्दा तब सामने आया, जब मोहन बागान के मालिक और साथ ही अभी तक अज्ञात लखनऊ आईपीएल फ्रेंचाइजी आरपीएसजी के उपाध्यक्ष संजीव गोयनका ने सीएनबीसी-टीवी 18 को सोमवार को बताया कि सौरव गांगुली पद छोड़ने की कगार पर हैं. उन्होंने कहा, ”ठीक है, मुझे लगता है कि वह मोहन बागान से पूरी तरह से हटने जा रहे हैं… मुझे लगता है कि आज,” उन्होंने चैनल से बात करते हुए कहा, “यह घोषणा खुद सौरव गांगुली ही करेंगे. मेरा मतलब है, क्षमा करें. मुझे लगता है कि मैंने इसे पहले ही खोल दिया है.”

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यदि सौरव गांगुली बीसीसीआई और मोहन बागान दोनों में पदों पर बने रहते हैं, तो वह बीसीसीआई संविधान के तहत ‘प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हितों के टकराव नियम का उल्लंघन करेंगे. यह पहली बार नहीं है, जब गांगुली अपने बीसीसीआई पद से संबंधित हितों के टकराव के मुद्दे में शामिल हैं. 2019 में गांगुली और उनके पूर्व भारतीय टीम के साथी वीवीएस लक्ष्मण भारतीय क्रिकेट में एक से अधिक पदों पर रहने के लिए हितों के टकराव की स्थिति में पाए गए थे. गांगुली उस समय बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे, आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के सलाहकार थे, और टीवी कमेंटेटर के रूप में भी काम कर रहे थे.

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