VVS Laxman Birthday: डॉक्टर बनते-बनते क्रिकेटर बन गए, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ Very Very Special रिकॉर्ड

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नई दिल्ली. सौरव गांगुली की कप्तानी (Sourav Ganguly Captaincy), सचिन तेंदुलकर-राहुल द्रविड़ का संघर्ष और वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) की स्पेशल पारियां लंबे वक्त तक भारतीय क्रिकेट की पहचान रही. इस ‘चौकड़ी’ ने टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई. 2001 में स्टीव वॉ की अजेय ऑस्ट्रेलिया के 16 टेस्ट के विजय रथ को रोकने का करिश्मा शायद ही कोई भूला होगा. तब लक्ष्मण ने फॉलोऑन खेलते हुए कोलकाता में 281 रन की पारी खेली (VVS Laxman 281) थी. जिसने ना सिर्फ टीम इंडिया की जीत की नींव रखी, बल्कि लक्ष्मण को हमेशा-हमेशा के लिए टेस्ट क्रिकेट में ‘वेरी-वेरी स्पेशल बल्लेबाज’ के रूप में स्थापित कर दिया. 1 नवंबर 1974 को हैदराबाद में पैदा हुए लक्ष्मण का आज 47वां जन्मदिन (VVS Laxman Birthday) है. वो उस दौर में भारतीय टीम में खेले जब तेंदुलकर, द्रविड़ और सौरव गांगुली सरीखे दिग्गज बल्लेबाज टीम में थे. लेकिन लक्ष्मण ने अपनी अलग जगह बनाई.

लक्ष्मण ने MBBS की पढ़ाई छोड़ बल्ला थामा
कम ही लोगों को पता होगा कि क्रिकेटर बनने से पहले लक्ष्मण डॉक्टर बनने वाले थे. उन्होंने हैदराबाद के लिटिल फ्लावर स्कूल से 12वीं पास करने के बाद एमबीबीएस में दाखिला भी ले लिया था. लेकिन क्रिकेट को लेकर उनकी दीवानगी कम ही नहीं हुई. माता-पिता दोनों के डॉक्टर होने के बावजूद उन्होंने खुद की अलग राह चुनी और आखिरकार एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़ क्रिकेट में करियर बनाने का फैसला कर लिया. उनके लिए यह करना आसान नहीं था. क्योंकि परिवार ने उन्हें कुछ साल की मोहलत ही दी थी. लेकिन लक्ष्मण ने अपनी जिद और जज्बे के दम पर क्रिकेट में ही वो मुकाम हासिल कर लिया, जिसका सपना उन्होंने देखा था.

लक्ष्मण ने पहला टेस्ट शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ठोका था
लक्ष्मण ने 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में अपना टेस्ट डेब्यू किया. कुछ अच्छी पारियां खेलने के बाद वो अपने फॉर्म को बरकरार नहीं रख सके और उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया. फिर 2000 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली और यही उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. साल 2000 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के सिडनी टेस्ट में वीवीएस लक्ष्मण ने ओपनिंग करते हुए 167 रन की मैराथन पारी खेली. यह उनका पहला टेस्ट शतक था.

इस शतक के बाद उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ और उन्होंने रणजी ट्रॉफी के एक सीजन में 1400 से ज्यादा रन बनाए. इसके बाद से ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके रन बनाने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो करियर के आखिर तक जारी रहा.

लक्ष्मण ने कोलकाता में खेली थी 281 रन की पारी
अगले ही साल ऑस्ट्रेलिया भारत दौरे पर आई और कोलकाता टेस्ट में फॉलोऑन खेलते हुए लक्ष्मण ने 281 रन की पारी खेली. जिसकी गिनती टेस्ट इतिहास की बेहतरीन पारियों में होती है. लक्ष्मण के दोहरे शतक की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के 16 टेस्ट के विजय रथ को रोका था. 2003-04 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी लक्ष्मण का बल्ला कंगारू टीम के खिलाफ जमकर बोला. तब उन्होंने 2 शतक ठोके थे.

लक्ष्मण का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दमदार रिकॉर्ड
लक्ष्मण अगले एक दशक तक भारतीय टेस्ट टीम के मिडिल ऑर्डर की जान बने रहे और ‘फैब फोर’ का हिस्सा थे. उन्होंने भारत के लिए 134 टेस्ट में 45 से ज्यादा के औसत से 8781 रन बनाए. इसमें 17 शतक और 56 अर्धशतक शामिल हैं. उनका वनडे करियर बहुत लंबा नहीं रहा. उन्होंने वनडे में 6 शतक ठोके. इसमें से अकेले 4 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही आए. लक्ष्मण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 से ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं.

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