क्रिकेट में ‘पैसा लेकर सेलेक्शन’, बंगाल का पूर्व अंडर-19 खिलाड़ी गिरफ्तार; IPL प्लेयर भी रडार पर

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नई दिल्ली. क्रिकेट में ‘पैसे लेकर सेलेक्शन’ (Cash For Selection in cricket), कराने से जुड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है. दरअसल, यह केस 9 जुलाई को दर्ज कराया गया था. उत्तर प्रदेश के एक क्रिकेटर अंशुल राज ने इस साल 9 जुलाई को गुरुग्राम पुलिस से शिकायत की थी कि उनसे साथ गुरुग्राम स्थित स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी सिक्योर कॉरपोरेट मैनेजमेंट के अध्यक्ष आशुतोष बोरा ने सेलेक्शन के नाम पर धोखाधड़ी की है. अंशुल ने बोरा पर हिमाचल प्रदेश अंडर-23 में, सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए टीम में जगह दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपए लेने का आरोप लगाया था.

इस स्कैम में तीन राज्य क्रिकेट संघों के अधिकारी, एक संदिग्ध मैच फिक्सर, दिल्ली क्रिकेट के चयनकर्ताओं के पूर्व संयोजक, आईपीएल का पूर्व खिलाड़ी, एक बंगाल अंडर-19 खिलाड़ी का नाम अब तक सामने आ चुका है.

यूपी के क्रिकेटर की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यूपी के जालौन जिले के रहने वाले क्रिकेटर राज ने गुरुग्राम पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा कि बोरा ने उन्हें सिक्किम टीम में जगह देने का वादा किया था. राज ने अपनी शिकायत में कहा, “मैं एक गरीब परिवार से हूं. मेरा सपना था कि भारत के लिए खेलूं. लेकिन आरोपी ने मुझे और मेरे परिवार को धोखा दिया और सेलेक्शन के नाम पर पैसे ले लिए. मैं सम्मानपूर्वक प्रार्थना करता हूं कि कृपया आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए.” इस शिकायत के बाद ही गुरुग्राम पुलिस ने केस दर्ज किया था.

बंगाल के अंडर-19 क्रिकेटर की भी गिरफ्तारी हुई
इस मामले की जांच के लिए जब गुरुग्राम पुलिस ने बीते 5 सितंबर को सोहना रोड स्थित बोरा के ऑफिस पर छापा मारा, तो उसके हाथ कॉन्ट्रैक्ट के दस्तावेज लगे, जिससे कथित तौर पर पता चला कि कंपनी ने 18 खिलाड़ियों के साथ सेलेक्शन के नाम पर पैसे लेकर सौदे किए थे. पुलिस ने कहा कि फोन पर बातचीत, व्हाट्सएप चैट और पैसों के लेन-देन की जांच के बाद बोरा और उसके एक साथी, बंगाल के पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर दानिश मिर्जा की गिरफ्तारी हुई है.

गुरुग्राम पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की
पिछले हफ्ते गुरुग्राम पुलिस ने इस फर्जीवाड़े के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. साथ ही इस रैकेट को पूरी तरह बेनकाब करने के लिए दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड में क्रिकेट अधिकारियों और टी-20 बिहार क्रिकेट लीग चलाने वालों लोगों को नोटिस जारी किया था. इंडियन एक्सप्रेस ने उन सभी लोगों से बात की है, जिन्हें पुलिस ने जांच के लिए नोटिस भेजे गए थे. इनमें से एक ने कहा कि उन्हें बोरा से ग्राउंड का उपयोग करने के लिए एडवांस में पैसा मिला था, लेकिन इसे वापस कर दिया गया था. दो अन्य ने कहा कि उन्होंने बोरा के बारे में कभी नहीं सुना था.

फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बोरा जेल में
बोरा और उनकी बहन चित्रा, जो कंपनी की प्रबंध निदेशक हैं, को 3 सितंबर को जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आपराधिक धमकी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, और वर्तमान में दोनों हरियाणा की भोंडसी जेल में बंद हैं.

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BCA के पदाधिकारियों से भी पूछताछ हुई
इस कैश ऑफ सेलेक्शन मामले में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े अधिकारियों को पूछताछ के लिए गुरुग्राम पुलिस ने उपस्थित होने के लिए कहा था. क्योंकि पुलिस ने पाया था कि सिक्योर कॉरपोरेट मैनेजमेंट और बोरा ने कथित तौर पर एसोसिएशन के एक पदाधिकारी की यात्रा से जुड़े जरूरी इंतजाम किए थे. इस मामले में डीडीसीए, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन और दिल्ली के एक लीग क्रिकेटर से भी गुरुग्राम पुलिस ने पूछताछ की है.

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मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी
फर्जीवाड़े के इस रैकेट की जांच कर रही गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-2 का कहना है कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं. उनसे पूछताछ के लिए पर्याप्त आधार है. इस केस की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी.

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