विराट कोहली को वनडे और टेस्ट कप्तानी भी छोड़ देनी चाहिए? वीरेंद्र सहवाग ने दिया जवाब

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नई दिल्ली. विराट कोहली (Virat Kohli) ने सोमवार को नामीबिया के खिलाफ कप्तान के रूप में अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल खेला. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2021 (ICC T20 World Cup 2021) का आगाज होने से पहले ही विराट कोहली ने ऐलान कर दिया था कि यह वर्ल्ड कप उनका बतौर कप्तान उनका अंतिम टूर्नामेंट होगा. विराट के टी20 इंटरनेशनल की कप्तानी छोड़ने के बाद से मीडिया में यह खबरें भी चल रही हैं कि भारतीय कप्तान की वनडे की कप्तानी जा सकती है. हालांकि, यह खबरें अनुमान पर ही चल रही हैं. बीसीसीआई या विराट की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आया है, लेकिन इन खबरों की वजह से सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा है. ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwa) ने भी इस पर अपनी राय दी है कि क्या विराट कोहली को अन्य दो प्रारूपों – टेस्ट और वनडे मैचों में नेतृत्व की भूमिका जारी रखनी चाहिए.

टीम इंडिया के टी20 इंटरनेशनल के कप्तान के रूप में विराट कोहली का कार्यकाल सोमवार को समाप्त हो गया, जब टीम टी20 वर्ल्ड कप 2021 के सुपर 12 चरण में बाहर हो गई. विश्व कप में भारत की विनाशकारी शुरुआत के बाद कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से भारी हार के साथ ही अन्य दो प्रारूपों में भी कप्तान के रूप में कोहली के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग का मानना ​​है कि 33 वर्षीय कप्तान के रूप में शानदार रहे हैं और उन्हें वनडे और टेस्ट में नेतृत्व की भूमिका नहीं छोड़नी चाहिए.

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 ‘एक कप्तान के रूप में विराट का रिकॉर्ड शानदार’
सहवाग ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक प्रशंसक के सवाल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जवाब दिया. इस फैन का सवाल था कि क्या कोहली को कप्तान के रूप में पूरी तरह से इस्तीफा दे देना चाहिए? इस पर सहवाग ने कहा, ‘यह विराट का फैसला है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्हें बाकी दो प्रारूपों की कप्तानी छोड़नी चाहिए. अगर वह सिर्फ एक खिलाड़ी के रूप में खेलना चाहते हैं तो यह उनका फैसला है. मुझे लगता है कि उनकी कप्तानी में भारत अच्छा खेल रहा है और एक कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड शानदार है.’

‘वनडे और टेस्ट में कप्तानी छोड़ना या न छोड़ना निजी फैसला’
उन्होंने आगे कहा, ‘वह एक अच्छे खिलाड़ी हैं, एक आक्रामक कप्तान हैं और सामने से नेतृत्व करते हैं. मैं दोहराता हूं कि वनडे और टेस्ट में कप्तानी छोड़ना या न छोड़ना उनका निजी फैसला होना चाहिए.’ हालांकि, पूर्व सलामी बल्लेबाज ने जोर देकर कहा कि आईसीसी टूर्नामेंटों में टीम के खराब प्रदर्शन पर आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की जीत के बाद से भारत को अभी तक आईसीसी खिताब नहीं मिला है.

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 ‘तभी याद करते हैं जब आप लगातार विश्व टूर्नामेंट जीतते हैं’
सहवाग ने कहा, ‘मुझे पता है कि हमें बुरे समय में टीम का समर्थन करना चाहिए, लेकिन काफी समय हो गया है कि हमने कोई बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीता है. भारत को निश्चित रूप से इस पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. द्विपक्षीय सीरीज जीतना एक बात है, लेकिन लोग आपको तभी याद करते हैं जब आप लगातार विश्व टूर्नामेंट जीतते हैं.’ बता दें कि टीम इंडिया 17 नवंबर को एक्शन में लौटेगी, जब टीम तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में न्यूजीलैंड से भिड़ेगी.

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