New Zealand Australia ICC T20 World Cup 2021 Final Cricket News Suno Dil Se Podcast nodakm – T20 World Cup Final: ऑस्ट्रेलिया vs न्यूजीलैंड – अतीत, वर्तमान और भविष्य…

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ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जिस तरह निर्णायक दौर तक पहुंची, वह उनके जज्बे को दर्शाता है. क्रिकेट का यह सबसे छोटा फार्मेट लोकप्रियता के शिखर पर क्यों है, यह दोनों सेमीफाइनल को देखकर समझा जा सकता है. लीग दौर में दबदबा कायम रखने वाली इंग्लैंड के मुंह से किवीस ने जीत का निवाला खींच लिया. तकरीबन हारी हुई बाजी को नीशम और डेरेल मिचेल जीत में बदल गए. उसी तरह स्टॉयनिस और मैथयू वेड ने पाकिस्तान के फाइनल में पहुंचने के मंसूबों पर पानी फेर दिया. शादाब खान की बेहतरीन गेंदबाजी भी लीग दौर में अविजित रहने वाले पाकिस्तान को फाइनल में नहीं पहुंचा सकी. एक बात साफ है, चाहे दुबई हो या आबूधाबी हर जगह शाम के मैच में चेस करने वाली टीम को लाभ मिला है, क्योंकि लक्ष्य के हिसाब से वह अपनी गति तेज और धीमी कर सकते हैं और शबनम का असर बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम पर भी साफ दिखाई दिया. अब ऑस्ट्रेलिया vs न्यूजीलैंड के मुकाबले को लेकर अतीत, वर्तमान और भविष्य… के पहलुओं को जानने के लिए सुने, सुनो दिल से…   


नमस्कार, सप्ताह भर की क्रिकेट सरगर्मियों को इस पॉडकास्ट में समेटे मैं हाजिर हूं, स्वीकार कीजिए संजय बैनर्जी का, ‘सुनो दिल से’

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टी-20 विश्व कप का फाइनल दो पड़ोसियों ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच है. ऑस्ट्रेलिया के पास आईसीसी ट्रॉफीज की कमी नहीं है, लेकिन टी-20 ट्रॉफी पर अब तक उसकी पहुंच नहीं हो सकी है. दूसरी ओर, न्यूज़ीलैंड को ऐसी टीम के तौर पर देखा जा रहा है जो कप्तान केन विलियमसन के नेत्रत्व में लगातार बेहतर कर रही है. 2019 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में उसे एक बेहद रोमांचक मुकाबले में शिकस्त से दो चार होना पड़ा, लेकिन जल्दी ही उसने भारत को हराकर पहली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीत ली. अब न्यूजीलैंड क्रिकेट के तीसरे और सबसे छोटे फॉर्मेट के फाइनल में पहुंच चुका है, यानि एक ओर अतीत है, तो दूसरी ओर वर्तमान और संभवतः भविष्य भी.

दोनों टीमें जिस तरह निर्णायक दौर तक पहुंची, वह उनके जज्बे को दर्शाता है. क्रिकेट का यह सबसे छोटा फॉर्मेट लोकप्रियता के शिखर पर क्यों है, यह दोनों सेमीफाइनल को देखकर समझा जा सकता है. लीग दौर में दबदबा कायम रखने वाली इंग्लैंड के मुंह से किवीस ने जीत का निवाला खींच लिया. तकरीबन हारी हुई बाजी को नीशम और डेरेल मिचेल जीत में बदल गए. उसी तरह स्टॉयनिस और मैंथयू वेड ने पाकिस्तान के फाइनल में पहुंचने के मंसूबों पर पानी फेर दिया. शादाब खान की बेहतरीन गेंदबाजी भी लीग दौर में अविजित रहने वाले पाकिस्तान को फाइनल में नहीं पहुंचा सकी.

एक बात साफ है, चाहे दुबई हो या आबूधाबी हर जगह शाम के मैंच में चेस करने वाली टीम को लाभ मिला है, क्योंकि लक्ष्य के हिसाब से वह अपनी गति तेज और धीमी कर सकते हैं और शबनम का असर बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम पर भी साफ दिखाई दिया. उधर, भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिहाज से टी-20 वर्ल्ड कप पहले दो मैंचों के बाद ही समाप्त हो चुका था, बची खुची कागजी संभावनाएं न्यूज़ीलैंड के अफगानिस्तान से जीतते ही खत्म हो गई थी. भारत का इस तरह सेमीफाइनल तक न पहुंच पाना न सिर्फ भारतीय क्रिकेट के लिए परेशानी का सबब था, बल्कि क्रिकेट से जुड़े आर्थिक ताने बाने के लिए भी नुकसान देह था. भारत अगर फाइनल तक पहुंचता तो दुनिया की दिलचस्पी सातवें आसमान पर होती और वर्ल्ड कप से मिलने वाला मुनाफा भी.

वर्ल्ड कप से बाहर होने की निराशा के साथ भारतीय क्रिकेट में नए युग की शुरुआत हो रही है. टी-20 कप्तान के रूप में विराट कोहली के बाद इस ओहदे को रोहित शर्मा संभाल रहे हैं, जबकि रवि शास्त्री की जगह अब राहुल द्रविड नए हेड कोच होंगे. शास्त्री-कोहली की जोड़ी ने आईसीसी टूर्नामेंट को छोड़कर वह सब कुछ हासिल किया, जिसकी उम्मीद कोई देश कर सकता है. इस दौरान हाल फिलहाल 36 रन पर सिमटने के बाद टेस्ट जीतना और इंग्लैंड में पहले टेस्ट में हारने के बाद बैक टू बैक मैंच जीतना बड़ी कामयाबी मानी जा सकती है. तमाम कामयाबियों के बावजूद शास्त्री और कोहली युग की लोकप्रियता का ग्राफ नीचे अता रहा, बड़ी वजह लोग एरोगेन्स भी मानते हैं. बहरहाल द्रविड़ और रोहित शर्मा की नई जोड़ी पर अब जिम्मेदारी है कि वे भारतीय क्रिकेट को टी-20 फॉर्मेट में स्वर्ण युग तक पहुंचाएं.

दोनों के लिए पहला लिटमस टेस्ट पांच दिन बाद शुरू होने वाली सीरीज होगी, जिसमें भारत और न्यूजीलैंड की टीमें तीन टी-20 इंटरनेशनल और दो टेस्ट मैंच में आमने-सामने होने वाली हैं. पहला मैच जयपुर में 17 नवंबर को खेला जाएगा. दोनों देशों ने इस सीरीज के लिए अपनी टीमें घोषित कर दी हैं. भारत ने विराट कोहली सहित चोटी के कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया है और कई युवा खिलाड़ियों को शामिल किया है. इसमें रुतुराज गायकवाड, हर्षल पटेल, आवेश खान और वेंकटेश अय्यर के नाम शामिल हैं. अब रोहित शर्मा की टीम को टी-20 सीरीज में लोकेश राहुल, चहल, अश्विन, भुवनेश्वर कुमार और दीपक चाहर जैसे खिलाड़ियों के सहारे अपनी चमक दिखाने की जरूरत है.

न्यूजीलैंड ने भी वर्ल्ड कप में खेल रही टीम में थोड़े बदलाव के साथ भारत दौरा करने का फैसला किया है. साथ ही दो टेस्ट की सीरीज के लिए भी न्यूजीलैंड ने जो टीम घोषित की है, उसमें स्पिनरों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है. टीम में स्पिनर के रूप में पांच विकल्प मौजूद हैं.

इधर, भारत ए की टीम भी घोषित कर दी गई है जो दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगी. इस टीम को चार दिनों के तीन मैंच खेलने हैं और प्रियांक पांचाल को कप्तानी का भार सौंपा गया है. इस टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया जिसने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है. कुछ नए नामों में सौरभ कुमार, उमरान मलिक, अर्जन नागवासवाला और उपेन्द्र यादव शामिल हैं. इस टीम में पृथ्वी शॉ, देवदत्त पडिकल और राहुल चाहर भी शामिल हैं. इस बीच भारत का घरेलू क्रिकेट अब उड़ान ले चुका है. इस दौरान एक दुखद खबर यह भी आई कि कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर देने वाले दिल्ली के कोच तारक सिन्हा का 71 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके कैम्प से सुरिंदर खन्ना, मनोज प्रभाकर, शिखर धवन और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी निकले हैं.

टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत में भी इसी फोर्मेट के सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का अब नॉक आउट चरण आ पहुंचा है. 16 नवम्बर से इसके मैंच दिल्ली में खेले जाएंगे. ग्रुप चरण के अब तक के मैंचों में हैदराबाद के बल्लेबाज तनमय अग्रवाल 302 रन और हैदराबाद के ही गेंदबाज मिलिंद 16 विकेट लेकर सबसे आगे हैं. शुरुआत के लगातार तीन मैंचों में अर्धशतक जमाने वाले रुतुराज गायकवाड बाद के मैंचों में इस आंकड़े तक नहीं पहुंच सके. लेकिन अजिंक्य रहाणे जरूर चार अर्धशतक जमाकर टॉप थ्री में शामिल हैं.

पुरुषों की अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी का खिताब इंडिया डी टीम ने इंडिया बी टीम को हराकर जीत लिया. बेंगलुरू में इसके मैंचों में कुल नौ शतक लगे.

महिलाओं की अंडर 19 चैलेंजर ट्रॉफी भी खेले गये जिसमें इंडिया बी ने इंडिया डी को हराकर खिताब अपने नाम किया.

महिलाओं की सीनियर वनडे प्रतियोगिता के प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले बंगलोर में कल से शुरु होंगे. इससे पहले ग्रुप मुकाबले में छह खिलाड़ियों ने 300 से ज्यादा रन बनाये हैं जबकि कुल 27 शतक ठोके जा चुके हैं.

कभी प्रतिभाशाली क्रिकेटरों में शामिल रहे उन्मुक्त चंद आस्ट्रेलिया के पुरुष बिग बैश लीग में खेलने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी होंगे. उनका अनुबंध मेंलबर्न रेनेगेड्स के साथ हुआ है. 28 साल के उन्मुक्त अमेरिकी लीग में भी खेल चुके हैं और वह चाहे तो 2024 से अमेंरिका के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भी खेल सकते हैं.

वैसे भारतीय महिलाएं आस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में लगातार धमाल मचा रही हैं. हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिएज के अलावा पूनम यादव भी चमक रहीं हैं. हरमनप्रीत और जेमिमा मेंलबर्न के लिए खेल रही हैं और दोनों के प्रदर्शन से उनकी टीम मेंलबर्न अंक तालिका में शीर्ष पर बनी हुई हैं. इस लीग का अगला राउंड कल से खेला जाएगा.

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फिलहाल इस पॉडकास्ट में इतना ही, अगले हफ्ते क्रिकेट की नई सरगर्मियों के साथ आपकी खिदमत में फिर हाजिर होंगे, अनुमति दीजिए संजय बैनर्जी को और चलते रहिये न्यूज़ 18 के साथ.





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