एरॉन फिंच से सीखें विराट कोहली, बाहरी आवाज आने पर कानों पर कैसे हाथ रखा जाता है

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नई दिल्‍ली. ऑस्‍ट्रेलिया ने न्‍यूजीलैंड (Australia vs New Zealand) को हराकर पहली बार टी20 वर्ल्‍ड कप (T20 World Cup 2021) का खिताब जीत लिया. ऑस्‍ट्रेलियाई कप्‍तान एरॉन फिंच (Aaaron finch) ने इसके साथ ही इतिहास रच दिया. दुबई में खेले गए खिताबी मुकाबले में न्‍यूजीलैंड टीम ने 173 रन का लक्ष्‍य दिया था, जिसे ऑस्‍ट्रेलियाई टीम ने 2 विकेट के नुकसान पर 7 गेंद पहले ही हासिल कर लिया. ओपनर डेविड वॉर्नर प्‍लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे. इस टूर्नामेंट की दोनों फाइनलिस्‍ट लीग चरण में अपने अपने ग्रुप में दूसरे स्‍थान पर थीं. ग्रुप 1 की टॉपर इंग्‍लैंड और ग्रुप 2 की टॉपर पाकिस्‍तान को खिताब का मजबूत दावेदार माना जाने लगा था, मगर ऑस्‍ट्रेलिया और न्‍यूजीलैंड ने दोनों टीमों को बाहर कर दिया. खिताब का प्रबल दावेदार भारत को भी माना जा रहा था, मगर टीम इंडिया सेमीफाइनल तक का सफर भी तय नहीं कर पाई.

टीम इंडिया के लिए यह टूर्नामेंट एक बुरे सपने की तरह रहा. टीम की प्‍लेइंग इलेवन, प्रदर्शन को लेकर विराट कोहली की अगुआई में उतरने वाली टीम इंडिया की जमकर आलोचना भी हो रही है. हालांकि टूर्नामेंट में भारत का अभियान समाप्‍त होने के बाद विराट कोहली ने भी टी20 टीम की कप्‍तानी छोड़ दी, मगर टूर्नामेंट में की गई गलतियों पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं.

शुरुआती 2 मैच में कोहली की गलतियां और सबक
गलतियां… जो पाकिस्‍तान और न्‍यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दो मैचों में कोहली ने की, मगर यही गलती एरोन फिंच भी कर देते तो शायद आज उनकी टीम इतिहास नहीं रच पाती. फिंच से कोहली एक सबक जरूर सीख सकते हैं…वो ये ही बाहरी लोगों की बातों से प्रभावित न होने की. दरअसल कोहली ने टूर्नामेंट के शुरुआती दो मैच, जो भारत के लिए सबसे बड़े और अहम थे, उससे प्‍लेइंग इलेवन बदली. खिलाड़ियों का भरोसा हासिल नहीं कर पाए और न ही खिलाड़ियों को तालमेल बैठाने का मौका मिल पाया. नतीजा पाकिस्‍तान के हाथों 10 विकेट से और न्‍यूजीलैंड के हाथों 8 विकेट से हार मिली. टीम इंडिया ने इसके बाद के सभी मैच भले ही जीत लिए, मगर इन दोनों से मिली हार ने टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया.

फिंच ने भरोसा बनाए रखा
सबसे पहले बात करते हैं ऑस्‍ट्रेलियाई कप्‍तान एरोन फिंच की… जिन्‍होंने उन खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखा, जो खराब फॉर्म में चल रहे थे, जिनके चयन पर सवाल भी उठे थे, मगर ऑस्‍ट्रेलियाई कप्‍तान ने बाहर से आ रही आवाजों पर अपने कान बंद लिए और इन खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखा और उन्‍हें मौका देते रहे. नतीजा सेमीफाइनल, फाइनल में उन्‍हीं खिलाड़ियों का बल्‍ला जमकर बोला. ऑस्‍ट्रेलिया के सलामी बल्‍लेबाज डेविड वॉर्नर ने पाकिस्‍तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 49 रन और न्‍यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 53 रन बनाए. इससे पहले वेस्‍टइंडीज के खिलाफ नाबाद 89 रन बनाए थे. जबकि इससे पहले वॉर्नर खराब फॉर्म में चल रहे थे. टूर्नामेंट से पहले दोनों वार्म अप मैच में उन्‍होंने 0, 1 रन बनाए. पहले मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 14 रन ही बना पाए थे.

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श्रीलंका के खिलाफ 65 रन बनाए और फिर इंग्‍लैंड के खिलाफ 1 रन, बांग्‍लादेश के खिलाफ 18 रन ही बना पाए थे. इसके बावजूद फिंच ने उन पर भरोसा बनाए रखा और इसके बाद अगले 3 मैचों में वॉर्नर ने ताबड़तोड़ बल्‍लेबाजी की और प्‍लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने. वहीं लगातार खराब फॉर्म के बावजूद फिंच ने ऑलराउंडर ग्‍लेन मैक्‍सवेल को सभी 7 मैचों में मौका दिया और फाइनल में उन्‍होंने 18 गेंदों पर नाबाद 28 रन जड़े. इस पारी से पहले उन्‍होंने टूर्नामेंट में 18, 5, 6, 0, 0, 7 रन बनाए थे और साथ ही 2 विकेट भी लिया था. इस खराब प्रदर्शन के बावजूद फिंच ने पहले मैच को छोड़कर उनका बैटिंग लाइन अप कभी नहीं बदला.

कोहली ने दूसरे मैच में ओपनिंग जोड़ी ही बदल दी
अब बात करते हैं विराट कोहली की… पाकिस्‍तान के खिलाफ भारत के पहले मैच में रोहित शर्मा और केएल राहुल ओपनिंग करने उतरे, मगर फ्लॉप रहे. राहुल ने 3 रन बनाए और रोहित खाता तक नहीं खोल पाए थे. पाकिस्‍तान ने 10 विकेट से हराया. इस शर्मनाक हार के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कोहली से एक पत्रकार ने रोहित शर्मा को बाहर करने और ईशान किशन को मौका देने के बारे में पूछा. उस समय तो कोहली ने यह कहकर पत्रकार की बोलती बंद कर दी थी कि क्या आप रोहित शर्मा को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम से बाहर कर सकते हैं.

यह जानते हुए भी कि उन्होंने पिछले मैच में हमारे लिए क्या किया है. उन्होंने आगे कहा था विश्वास नहीं किया जा सकता. अगर आपको कोई विवाद खड़ा करना है तो पहले ही बता दो.  मगर न्‍यूजीलैंड के खिलाफ उन्‍होंने कुछ वैसा ही किया, जिस बात पर वो पत्रकार पर भड़क गए थे. दूसरे मैच में कोहली ने ओपनिंग जोड़ी ही बदल दी. रोहित की जगह राहुल के साथ ओपनिंग करने ईशान किशन को मैदान पर उतारा और रोहित को ओपनिंग से ड्रॉप किया और तीसरे नंबर पर भेजा. ईशान को सूर्यकुमार यादव की जगह न्‍यूजीलैंड के खिलाफ प्‍लेइंग इलेवन में मौका दिया गया था.

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न्‍यूजीलैंड के खिलाफ भी भारत की ओपनिंग जोड़ी फ्लॉप रही. राहुल ने 18 रन और किशन के 4 रन बनाए. रोहित भी 14 रन ही बना पाए. इस मैच में भुवनेश्‍वर कुमार की जगह शार्दुल ठाकुर को मौका दिया गया था. टूर्नामेंट के तीसरे मैच में रोहित को फिर ओपनिंग के लिए भेजा गया और इस बार उन्‍होंने 74 रन की पारी खेली. जबकि राहुल ने भी 69 रन बनाए. ऋषभ पंत को भी तीसरे नंबर पर भेजा गया, जहां उन्‍होंने नाबाद 27 रन बनाए.  टीम के खिलाडि़यों के बैटिंग लाइन अप और एक मैच के बाद ही उन्‍हें अंदर बाहर करने की कोहली की रणनीति की जमकर आलोचना भी हो रही है. क्रिकेट विशेषज्ञों का तो कहना है कि इससे खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना पनपती है और इससे खेल पर भी असर पड़ता है.

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