IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के 6 खिलाड़ियों की होगी अग्निपरीक्षा, करना होगा खुद को साबित

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नई दिल्ली. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2021 (ICC T20 World Cup 2021) की हार के बाद भारतीय क्रिकेट में कई बदलाव हुए हैं. कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का उत्साहपूर्ण युग आखिरकार समाप्त हो गया है और उत्तराधिकारियों की एक नई टीम बोर्ड में आ गई है. शायद भारतीय क्रिकेट के कद को और ऊपर उठाने के लिए आगामी तीन आईसीसी आयोजनों को जीतने के लिए एक नया मजबूत नेतृत्व समूह स्थापित किया गया है. हालांकि, इस प्रक्रिया में कुछ खिलाड़ी किनारे पर खड़े हैं और इनके सिस्टम से बाहर होने की उम्मीद भी है. जिस तरह नए टीम प्रबंधन से बहुत अधिक सटीकता, विवेक और पारदर्शिता की उम्मीद की जा रही है, वैसे ही अप्रभावी खिलाड़ियों को बाहर करने की योजना भी है. ऐसे में आगामी भारत बनाम न्यूजीलैंड सीरीज (India vs New Zealand) में 6 खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी. अगर ये 6 खिलाड़ी परफॉर्म करने में नाकाम रहते हैं तो इनके बाहर होने की पूरी उम्मीद है.

भुवनेश्वर कुमार: दुर्भाग्य से,भुवनेश्वर कुमार के लिए 2021 फलदायी नहीं रहा. 2021 की पहली छमाही के दौरान वह चोटिल रहे, जिसने कई मायनों में उनकी फिटनेस पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया. इसके बाद सफेद गेंद क्रिकेट में जब वह वापस लौटे तो प्रभावशाली नहीं रहे. आईपीएल 2021 में वह 11 मैचों में सिर्फ 6 विकेट ले पाए. टी20 वर्ल्ड कप 2021 ने भी भुवी की परेशानी को बढ़ा दिया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में विफलता उनके लिए ताबूत में आखिरी कीलों में से एक साबित हो सकती है. चूंकि चयनकर्ताओं के पास अब सफेद गेंद के तेज गेंदबाजों का एक विशाल पूल है, ऐसे में भुवी का बाहर होना कोई बड़ी बात नहीं है.
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अक्षर पटेल: अक्षर पटेल के लिए साल 2021 पूरी तरह से खुशियों भरा रहा है. साल की शुरुआत में ऑलराउंडर इंग्लैंड के खिलाफ भारत की घरेलू टेस्ट सीरीज में एक नायक बन गए थे. इसके अलावा, चूंकि रवींद्र जडेजा एक चोट का सामना कर रहे थे, अक्षर पटेल को मौका मिला. आईपीएल में भी क्रिकेटर ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए अपनी खुद को साबित किया. उनके बाएं हाथ के स्पिन ने उन्हें 2021 सीजन में 12 मैचों में कुल 15 विकेट दिलाए. उनके इस परफॉर्मेंस ने उनके लिए रास्ते जरूर खोले हैं, लेकिन टीम में उनकी जगह अनिश्चित है. भारत के सफेद गेंद वाले क्रिकेट में खुद को बचाए रखने के लिए 27 वर्षीय क्रिकेटरो को लगातार ऑलराउंडरों चुनौती का सामना करना पड़ेगा. इनमें रवींद्र जडेजा, हार्दिक पंड्या, वाशिंगटन सुंदर और वेंकटेश अय्यर शामिल हैं.

अजिंक्य रहाणे: अजिंक्य रहाणे के लिए भी दुख की बात है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी घरेलू टेस्ट सीरीज एक बहुत ही जरूरी प्रयास होगा. पिछले दो वर्षों में उनके परफॉर्मेंस के कारण सबसे लंबे समय तक टेस्ट टीम में उनका स्थान गंभीर संकट में रहा है. पिछले साल अपनी कप्तानी में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज जिताने वाले रहाणे का उसके बाद से ही बल्ला खामोश है. इंग्लैंड के खिलाफ 4 टेस्ट और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में रहाणे बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे. इसके बाद से ही प्लेइंग-11 में उनकी जगह पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पिछले साल मेलबर्न टेस्ट के बाद से रहाणे ने 11 टेस्ट खेले हैं और महज 19 के औसत से 372 रन बना पाए हैं. रहाणे ने 7 पारियों में 15.57 की औसत से सिर्फ 109 रन बनाए. वास्तव में, 2020 की शुरुआत के बाद से अजिंक्य रहाणे ने 27 टेस्ट पारियों में 24.76 के औसत से कम के साथ केवल 644 रन बनाए हैं और उनके नाम सिर्फ एक शतक और दो अर्धशतक हैं.

ऋद्धिमान साहा: ऋद्धिमान साहा के लिए ऐसा लग रहा है कि निश्चित रूप से उनका टीम इंडिया से विदा होने का समय आ गया है. एमएस धोनी के संन्यास के बाद से क्रिकेटर को देश का सबसे अच्छा विकेटकीपर माना जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में ऋषभ पंत के आने के बाद उनकी स्थिति ठीक नहीं रही है. फिर भी 37 वर्षीय को लाल गेंद के मामलों के लिए काफी अच्छा माना जाता था. केएस भरत जैसे युवा प्रतिभाशाली विकेटकीपरों के उभरने के साथ जल्द ही अनुभवी विकेटकीपर का समय खत्म हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पंत को आराम देने के साथ भरत को मौका दिया जा सकता है.

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रविचंद्रन अश्विन: रविचंद्रन अश्विन के लिए सफेद गेंद से क्रिकेट खेलना काफी कठिन रहा है. 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से क्रिकेटर लिमिटेड ओवरों के क्रिकेट से दरकिनार कर दिया गया, लेकिन टी20 विश्व कप 2021 से ठीक पहले उन्हें टी20 टीम में शामिल किया गया. आईपीएल में शानदार रिकॉर्ड होने के बावजूद अश्विन को अभी भी भारत के मुख्य लेग स्पिनर का डिप्टी माना जाता है. चोटिल वाशिंगटन सुंदर के अनुपलब्ध होने के कारण ही टी20 वर्ल्ड में 35 वर्षीय स्पिनर को बुलाया गया, लेकिन एक बार जब सुंदर उपस्थित होंगे तो संभावना है कि दिग्गज को फिर से हटा दिया जाए.

चेतेश्वर पुजारा: चेतेश्वर पुजारा का परफॉर्मेंस भी पिछले कुछ वक्त में उतार-चढ़ाव भरा रहा है. उन्हें अक्सर अपनी स्लो बल्लेबाजी के लिए आलोचना का भी शिकार होते रहना पड़ा है. हालांकि, उन्हें टीम इंडिया का टेस्ट स्पेशलिस्ट माना जाता है लेकिन फिर भी वह टीम की जीत के हीरो साबित नहीं हो रहे हैं. ऐसे में उनकी स्थिति भी संदेहजनक बनी हुई है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल हारने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में विराट कोहली ने पुजार और रहाणे पर निशाना भी साधा था. उन्होंने कहा था, ‘मानसिकता रन बनाने और रन बनाने के तरीके खोजने की होनी चाहिए. आप आउट होने के बारे में बहुत चिंतित नहीं हो सकते, क्योंकि आप तब गेंदबाज को पूरी तरह से खेल में ला रहे हैं.’

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