IND vs SA: आर अश्विन हुए 21 साल के गेंदबाज के मुरीद, बताया भारतीय बल्लेबाज कहां चूके

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नई दिल्ली. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जोहानिसबर्ग में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट का पहला दिन मेजबान टीम के नाम रहा. विराट कोहली (Virat Kohli) के चोटिल होने के कारण इस टेस्ट में केएल राहुल (KL Rahul) को कप्तानी का मौका मिला. उन्होंने बतौर कप्तान पहले ही टेस्ट में टॉस जीता और बल्लेबाजी का फैसला किया. लेकिन राहुल का यह फैसला भारी पड़ गया. क्योंकि टीम इंडिया 63.2 ओवर में 202 रन पर ऑल आउट हो गई. विराट की गैरमौजूदगी में चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) और अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी थी. लेकिन यह दोनों बल्लेबाज एक बार फिर फ्लॉप हुए और लगातार दो गेंदों में आउट होकर पवेलियन लौट गए.

केएल राहुल ने जरूर 50 रन की कप्तानी पारी. उनके अलावा आर अश्विन (R Ashwin) ने 50 गेंद में 46 रन ठोककर भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. दक्षिण अफ्रीका के 21 साल के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मार्को जेन्सन ने भारत को सस्ते में समेटने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 31 रन 4 विकेट झटके.

पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद आर अश्विन ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में मार्को जेन्सन (Marco Jansen) की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बाएं हाथ का गेंदबाज हमेशा आपके गेंदबाजी आक्रमण में विविधता लेकर आता है. मार्को स्पेशल हैं और उनका एक्शन भी अच्छा है. जेन्सन ने पहले टेस्ट के मुकाबले जोहानिसबर्ग टेस्ट में काफी अच्छी गेंदबाजी की. हो सकता है कि डेब्यू टेस्ट का उन पर दबाव हो. लेकिन आज उनकी लाइन लेंथ काफी सटीक थी.

मार्को जेन्सन ने लगातार दूसरी पारी में 4 विकेट लिए
मार्को ने सेंचुरियन टेस्ट से ही डेब्यू किया था. वो पहली पारी में तो 1 विकेट ले पाए थे. लेकिन दूसरी में उन्होंने जोरदार गेंदबाजी करते हुए 55 रन देकर 4 विकेट लिए थे. जेन्सन ने जोहानिसबर्ग में भी उसी प्रदर्शन को दोहराया. उन्होंने सेंचुरियन टेस्ट की दूसरी पारी में विराट कोहली का अहम विकेट लिया था. 2018 में जब कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई थी. तब जेन्सन ने बतौर नेट बॉलर भारतीय टीम को प्रैक्टिस कराई थी. उस समय भी उन्होंने अपनी स्विंग और रफ्तार से विराट कोहली को काफी परेशान किया था.

‘कम स्कोर के बावजूद हम मैच में बने हुए’
यह पूछे जाने पर कि इस पिच पर टीम को पहली पारी में कितने रन बनाने चाहिए थी. इस अश्विन ने जवाब दिया, “दक्षिण अफ्रीका में अच्छा स्कोर बता पाना हमेशा से मुश्किल रहा है. खासकर पहली पारी में. यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करना हमेशा अच्छा रहता है और आपकी कोशिश रहती है कि कम से कम 260 या 270 से अधिक रन बनाए हैं. यह आदर्श स्कोर हो सकता है.”

उन्होंने आगे कहा,”द.अफ्रीका भी अतीत में अक्सर पहले बल्लेबाजी करते आया है और उसकी कोशिश 250 से अधिक रन बनाने की रहती है. ताकि विपक्षी टीम को दबाव में लाया जा सके. हमें लगता है कि 202 का स्कोर थोड़ा कम है. लेकिन हमारे पास दूसरे दिन सभी गेंदबाज मौजूद रहेंगे. मुझे लगता है कि हम इस स्कोर से भी मैच में अपना वजूद बनाए रखेंगे.”

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अश्विन को उम्मीद है कि पिच दूसरे दिन तेज हो जाएगी. उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि पिच में दोहरा उछाल है. आमतौर पर वांडरर्स की पिच पहले दिन थोड़ा धीमा खेलती है और फिर गेंद रफ्तार से बल्ले पर आती है. यह सामान्य वांडरर्स पिच से थोड़ा अलग लग रही है. तो हमें देखना होगा कि दूसरे दिन इसका मिजाज कैसा रहता है.

Tags: Cricket news, Ind vs sa, India vs South Africa, R ashwin, Ravichandran ashwin, Team india

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